Saturday Jan 22, 2022

आज है ‘संविधान दिवस’। जानें इसके महत्वपूर्ण पहलु

samvidhaan diwas

कैबिनेट मिशन योजना द्वारा सुझाये गए प्रस्तावों के तहत नवंबर 1946 में संविधान सभा का गठन हुआ| इससे पहले संविधान सभा के लिए चुनाव जुलाई – अगस्त 1946 में हुआ था | संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई | मुस्लिम लीग ने बैठक का बहिस्कार किया और अलग पकिस्तान की मांग पर बल दिया |

इसलिए बैठक में केवल 211 सदस्यों ने हिस्सा लिया | फ्रांस की तरह इस सभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉ सच्चिदानंद सिन्हा को सभा का अस्थाई सदस्य चुना गया | बाद में डॉ राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के स्थाई अध्यक्ष निर्वाचित हुए |

13 दिसंबर 1946 को पंडित नेहरू ने संविधान सभा में उद्देस्य प्रस्ताव पेश किया | इस प्रस्ताव को 22 जनवरी 1947 को सर्व सम्मति से स्वीकार कर लिया गया | इसने संविधान के स्वरुप को काफी हद तक प्रभावित किया | इसके परिवर्तित रूप से संविधान की प्रस्तावना बानी |

भारतीय स्वतन्त्रता अधिनियम 1947 के सुझाव पर संविधान सभा 26 नवंबर 1949 तक इन दोनों रूपों में कार्य करती रही | इस समय तक संविधान निर्माण का कार्य पूरा हो चूका था |

अनुच्छेद 394 में भारतीय संविधान के लागू होने कि तिथि का वर्णन किया गया है |

संविधान तैयार होने की अवधि

हमारा संविधान 2 साल 11 माह और 18 दिनों में कुल 11 बैठकों के साथ निर्मित हुआ | संविधान निर्मातावों ने लगभग 60 देशो के संविधान का अवलोकन किया और इसके प्रारूप पर 114 दिनों तक विचार किया | हमारे संविधान निर्माण में कुल 64 लाख रुपये खर्च हुए |

24 जनवरी 1950 संविधान सभा की अंतिम बैठक हुई | इसके बाद संविधान सभा ने 26 जनवरी 1950 से 1951-52 में हुए आम चुनावों के बाद बनने वाली नए संसद के निर्माण तक भारत की अंतरिम संसद के रूप में काम किया |

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