पति की दीर्घायु के लिए महिलाओं ने की सोमवारी अमस्या पर पीपल वृक्ष की पूज

लखीसराय

सोमवारी अमावस्या को लेकर सुबह से ही अशोक धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही. श्रद्धालुओं ने पूरे तन-मन से भोले बाबा की पूजा-अर्चना एवं आरती की. बताया जा रहा है कि सोमवारी अमावस्या चैत्र माह का महत्वपूर्ण दिन माना जाता है. इस दिन भोले बाबा की पूजा करने से महिलाओं को मनोवांछित फल मिलते हैं. वहीं पुरुष धनवान एवं गुणवान होते हैं.

पंडितों के मंत्रोच्चार अशोक धाम परिसर में भक्तिमय माहौल रहा. वहीं जिलेभर में सोमवती अमावस्या पर महिलाएं पीपल वृक्ष के नीचे अपने पति की दीर्घायु के लिए पूजा-पाठ करती दिखीं. ब्राह्मण से पाठ का श्रवण किया. पंडित राजेश पांडेय ने बताया कि सोमवार चंद्र देवता को समर्पित दिन है. भगवान चंद्र को मन का कारक माना जाता है.

अतः इस दिन अमावस्या पड़ने का अर्थ है कि यह कथा सुनतीं महिलाए.दिन मन संबंधित दोषों को दूर करने के लिए उत्तम है. हमारे शास्त्रों में कहा जाता है कि चंद्रमा को ही दैहिक दैविक और भौतिक कष्टों का कारक माना जाता है.

यह पूरे वर्ष में एक या दो बार ही पड़ने वाला पर्व है. जहां विवाहित स्त्रियों द्वारा इस दिन पतियों की दीर्घायु के लिए व्रत का विधान है. शास्त्रों के अनुसार पीपल की परिक्रमा व सेवा पूजा करने तथा पीपल की छाया एवं स्पर्श मात्र करने से सभी पापों का नाश, पूजा-अर्चना करती महिलाएं, अक्षय लक्ष्मी की प्राप्ति और आयु में वृद्धि होती है. साथ ही घर परिवार में सुख समृद्धि बनी रहती है. मौके पर व्रती पूजा, निर्मला देवी, सोनम सिंह आदि उपस्थिति रही.पति की लंबी उम्र की कामनाः

बड़हिया, सनातन धर्म में चैत माह को अत्यंत पवित्र माना गया है. चैत माह के सोमवार व सोमवती अमावस्या के बने अनूठे संयोग को लेकर सोमवार को बड़हिया नगर व प्रखंड की सुहागिन महिलाओं ने सुहाग की रक्षा व पति की

लंबी उम्र की कामना को लेकर सोमवती अमावस्या का व्रत रखा. महिलाओं ने पीपल वृक्ष की पूजा एवं परिक्रमा कर पति के लंबी उम्र की कामना की. पीपल के पेड़ के नीचे जाकर विधि विधान से दूध, दही, फूल, चावल, हल्दी, तिल व सोलह श्रृंगार के सामान के साथ वृक्ष की पूजा की. तत्पश्चात 108 बार पेड़ की परिक्रमा करते हुए धागा लपेटा. शास्त्रों के मुताबिक सोमवती अमावस्या के दिन विधि विधान से पूजा पाठ करने से हर

मनोकामना पूरी होती है. सोमवती अमावस्या महिलाओं के लिए बेहद खास होता है. इस दिन पति के दीघाँय होने की कामना की जाती है. वहीं कन्याओं द्वारा सोमवती अमावस्या की प्र पूजा करने से उन्हें मनचाहा पति व मिलता है. इस दिन पीपल वृक्ष की पूजा ए की जाती है. पितृ दोष दूर करने के लिए उ भी यह दिन खास होता है. सोमवार को पं बड़हिया नगर व प्रखंड स्थित मंदिरों में रा भीड़ बनी रही. बड़हिया नगर व प्रखंड र का माहौल भक्तिमय रहा.

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