उमवि फदरपुर में मनी शहीद ए आजम भगत सिंह की पुण्यतिथि।

उमवि फदरपुर में मनी शहीद ए आजम भगत सिंह की पुण्यतिथि।
छात्रों ने अबीर गुलाल लगाकर दी शुभकामना।

शनिवार को बड़हिया टाल क्षेत्र के उमवि फदरपुर में विद्यालय की बाल संसद व मीना मंच के तत्वावधान में शहीद ए आजम भगतसिंह, राजगुरु व सुखदेव की 93 वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी गई तथा छात्रों ने एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी गई। बाल संसद के उपप्रधानमंत्री रूपा कुमारी की देखरेख में आयोजित पुण्यतिथि कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक अजय कुमार,वरीय शिक्षक रविशंकर कुमार, गोविंद कुमार , मोहम्मद परवेज आदि ने शहीद ए आजम भगतसिंह के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।

इस अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए विद्यालय के संस्कृत शिक्षक पीयूष कुमार झा ने कहा कि शहीद ए आजम भगतसिंह , राजगुरु व सुखदेव 23 मार्च 1931 को देश की आजादी की लड़ाई के क्रम में हंसते-हंसते फांसी के तख्ते पर झूल गए थे। भगत सिंह देश की आजादी के साथ साथ साम्राज्यवादी व्यवस्था से भी आजादी के पक्षधर थे।

“इंकलाब जिंदाबाद”तथा” साम्राज्यवाद का नाश हो” भगत सिंह का मुख्य उद्घोष था। अपनी फांसी के दिन भी भगत सिंह पुस्तक का अध्ययन कर रहे थे यह उनकी एक विशिष्टता थी।

इस अवसर पर सभी छात्रों ने भगत सिंह की प्रिय गान”दिल से मरकर भी न निकलेगी वतन की उल्फत,मेरी मिट्टी से भी खुशबू ए वतन आएगी” का सामूहिक गान किया। इसके बाद छात्रों ने एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर हर्षोल्लास पूर्वक होली की शुभकामनाएं दी तथा शिक्षकों से आशीर्वाद प्राप्त किया।

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